
(दीपांशु गोयल हमारे साथी पत्रकार हैं, लेकिन इन्हें जितनी पत्रकारिता पसंद है उतना ही पसंद है घूमना। इनका घुमक्कडपन सधुक्कड़ी की हद तक है। हाल ही में ये श्रीनगर गए थे। ये कश्मीर वाला नहीं गढ़वाल वाला श्रीनगर है। वहां की खास मिठाई खाकर आए हैं, उसका वर्णन इस तरह करते हैं कि हमारे मुंह में पानी आ जाता ..आप भी देखिए क्या है ये मिठाई.. संपादक मंडल)
नई जगहों पर घूमने फिरने का ही एक हिस्सा है हर जगह के खाने पीने का मजा उठाना। मैं जिस जगह भी जाता हूं वहां के अलग तरह के खाने को जरुर खाता हूं। मेरी श्रीनगर यात्रा में मैंने खाई गढवाली मिठाई सिंगोरी।
ये एक तरह का पेडा होता है जिसे मावे से बनाया जाता है। फोटो में आप जो पान जैसी मिठाई देख रहे हैं वही है सिंगोरी। दरअसल इस मिठाई की खासियत ये है कि इसे सिंगोरी के पत्ते में लपेटकर रखा जाता है। सिंगोरी गढवाल में मिलने वाला पेड़ है।
इस मिठाई को बनाने के लिए पेडे को नौ से दस घंटे तक पत्ते में लपेट कर रखा जाता है।जिसके बाद पत्ते की खुशबु पेडे में आ जाती है। यही खुशबु इस मिठाई की पहचान है।
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